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राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना
रा.ज.वि.अ.
रा.ज.वि.अ. के प्रस्ताव
कार्य बल
नदियों को जोड़ने (आई एल आर) संबंधी विशेष प्रकोष्ठ
नदियों को आपस में जोड़ने संबंधी समिति
केन-बेतवा लिंक पर समझौता ज्ञापन
डिपार्टमेंट यूजर
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प्रायद्वीपीय घटक Printable Version
 

इस घटक में, रा.ज.वि.अ. ने अधिशेष और जल की कमी वाले क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए महानदी, गोदावरी, कृष्णा, पेन्नार, कावेरी, वैगई, केरल, कर्नाटक तथा मुबंई के उत्तर और तापी के दक्षिण में बहने वाली पश्चिम प्रवाही नदियों तथा यमुना की दक्षिणी सहायक नदियों सहित विभिन्न मुख्य नदी बेसिनों के जल शेष का गहराई से अध्ययन किया है ये अध्ययन यह बताते हैं कि महानदी और गोदावरी बेसिनों में जल अधिशेष है, जबकि प्रायद्वीपीय भारत के अन्य बेसिनों जैसे कृष्णा, पेन्नार, कावेरी, और वैगई में पानी की कमी है अगले चरण के रूप में १६ संभाव्य लिंकों के लिए पूर्व संभाव्यता संबंधी अध्ययन किए गए प्रायद्वीपीय घटक के अन्तर्गत नेत्रावती - हेमावती तथा बेदथी - वरदा लिंकों को छोड़ कर, जिनके लिये कर्नाटक सरकार की सहमति ली जानी अपेक्षित है, सभी लिंकों के संभाव्यता प्रतिवेदन पूरे कर लिये गए है। हाल ही में, राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण द्वारा बेदथी - वरदा लिंक की संभाव्यता रिपोर्ट बनाने के लिये कर्नाटक सरकार ने अपनी सहमति दे दी है इन अध्ययनों से यह भी संकेत मिला है कि अधिशेष नदी बेसिनों से जल की कमी वाले क्षेत्रों में जल अंतरित करना तकनीकी रूप से संभव और आर्थिक रूप से संभाव्य है  

 

यहां इस घटक के प्रत्येक लिंक का संक्षेप में वर्णन दिया गया है

यह जानकारी अंतरिम है तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनने  के बाद इसमें परिवर्तन हो सकता है

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